Women Reservation Amendment Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरा, विपक्ष ने बताया संविधान की जीत


Women Reservation Amendment Bill : लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित 131वां संविधान संशोधन विधेयक आवश्यक बहुमत न मिलने के कारण गिर गया है। दो दिनों की गहन चर्चा के बाद शुक्रवार शाम हुई वोटिंग में विधेयक के पक्ष में 298 मत पड़े, जबकि पारित होने के लिए 326 वोटों की दरकार थी। विपक्ष ने इसे सरकार की 'असंवैधानिक तरकीब' करार देते हुए इसे संविधान पर हमले की हार बताया है। इस परिणाम के बाद परिसीमन से जुड़े अन्य संबंधित विधेयक भी अधर में लटक गए हैं।

सदन में मतदान के दौरान कुल 528 सांसदों ने हिस्सा लिया। संविधान संशोधन के लिए सदन के दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी, जिसके अनुसार 326 मतों की जरूरत थी। आपको बता दें कि विधेयक के पक्ष में केवल 298 वोट ही पड़े और विपक्ष में 230 वोट मिले। बहुमत का आंकड़ा न छू पाने के कारण यह विधेयक सदन में पास नहीं हो सका। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मुख्य संशोधन विधेयक के गिरने के बाद अब इससे जुड़े अन्य विधेयकों, जैसे परिसीमन विधेयक 2026 और संघ राज्य विधि विधेयक को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।

विधेयक गिरने के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे भारत के चुनावी ढांचे को बदलने की साजिश करार दिया। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने महिलाओं के नाम पर संविधान तोड़ने की कोशिश की। भारत ने देख लिया और INDIA ने इसे रोक दिया। जय संविधान।

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री को चुनौती दी कि यदि सरकार वास्तव में महिला सशक्तिकरण चाहती है, तो वह 2023 के नारी शक्ति वंदन अधिनियम को तुरंत लागू करे। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि पुराना बिल लाया जाता है, तो पूरा विपक्ष बिना शर्त उसका समर्थन करेगा ताकि आरक्षण तत्काल प्रभावी हो सके। विपक्ष का मुख्य तर्क यह रहा कि सरकार परिसीमन के बहाने चुनावी नक्शे में हेरफेर करना चाहती थी, जिसे सदन में एकजुट होकर विफल कर दिया गया।

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